बात करामात की

                                                                         
मेरी पहली तुकबंदी #OLX 
 झूठ बोलके इन्ने लाला रुपया लिया कमाय।
बण बैठा ये रुपया वाळा, अब इन्ने शरम न आय।। बिया काइ को होय चाय, पर डीजे यनको आय। गंदा गाणा, दारू पीके, खूब नाच इतरांय।।
खूब नाच इतरांय साथ मे बाहणन ने नचवांय। टुच्चा लुच्चा बेगैरत फिर, पइसो खूब बहांय।। कदी बुलट तो कदी अपाची कदी ये लेंवा थार। कुछ दिन पहले मांग ठूँटिया, पीवे हा जो लार।। बहु मंगावे बिरयानी बाळक ठंढा मंगवांय।
रोजी नाको यही राग, होटल सु रोटी आंय।। जिनके ही एक झोंपड़ी और वामे टूटी खाट। नक्शा सु अब बणरा कोठा, न्याळा उनका ठाट।। मामा, बीड़ी सिगरट पींवे और खावें हैं पान। झींगर जैसी सकल है लेके, बणे हैं आमिर ख़ान।। बाप बणे है तब्लीगी और बेटो टटलू बाज़।
ऐसा बेटा पे फिर बी, बाप करे है नाज़।।
काल ग़सत ही कुछ रस्ता में तास खेलता पाया। बेशर्मी इतनी कि वो न, रहबर सु उठ पाया।।
रेंट के मारे जिनके अबतक सनी रहवे ही बांय।
वो रेंटू भी हमकू लाला, अब तो अकल लगांय।। पुलिस को इतनो खोफ के रातू सौंवे हैं पहाड़न में,
छोड़के बूढा बाप, और अपणी मां-बाहणन ने।। अगर पुलिस की यन ने थोड़ी, सूसळ भी लग जाय, खुदा कसम फिर तो ये ना, दूर दूर तक  पाँय। Mk Khan ***************************

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